चल मियाँ – जेमिनी हरियाणवी

चल मियाँ – जेमिनी हरियाणवी

Here is another funny poem by Jamini Hariyanavi Ji. Rajiv Krishna Saxena

चल मियाँ

आज कल पड़ती नहीं है कल मियाँ
छोड़ कर दुनियां कहीं अब चल मियाँ

रात बिजली ने परेशां कर दिया
सुबह धोखा दे गया है नल मियाँ

लग रही है आग देखे जाइये
पास तेरे जल नहीं तो जल मियाँ

लाख वे उजले बने फिरते रहें
कोठरी में उनके है काजल मियाँ

आज ये दल कल नया परसों नया
देश अपना बन गया दल दल मियाँ

आप पहले बाढ़ तो बुलवाइए
बाद में हम ढूंढ लेंगे हल मियाँ

इंडियन हो टल का मतलब साफ है
इंडियन यदि आप हो तो टल मियाँ

दस समोसे खा के वे यह कह गए
आज छोड़ो फिर मिलेंगे कल मियाँ

~ जेमिनी हरियाणवी

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