Tag Archives: Om Vyas Om

कभी नहीं, कभी नहीं- ओम व्यास ओम

Things that no one should ever do: A Poem

There are things that we should never ever do. Here is a formidable list in the typical style of Pandit Om Vyas. Rajiv Krishna Saxena कभी नहीं, कभी नहीं साले की बुराई शक्की को दवाई उधार–प्रेमी को अपने दोस्त से मिलाना पत्नी को अपनी असली इनकम बतलाना नवजात कुत्ते के …

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मज़ा ही कुछ और है – ओम व्यास ओम

मज़ा ही कुछ और है - ओम व्यास ओम

There are so many small pleasures of life. They don’t cost any thing, yet the pleasure they give…. is out of this world…in words of Om Vyas Om. Rajiv Krishna Saxena मज़ा ही कुछ और है दांतों से नाखून काटने का छोटों को जबरदस्ती डांटने का पैसे वालों को गाली …

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माँ और पिता – ओम व्यास ओम

माँ और पिता - ओम व्यास ओम

Maa aur Pita is a famous poem by Om Vyas Om giving a lovely and sentimental poetic description of mother and father. Try reading this poem loudly yet at a slow tempo and see its magic. Rajiv Krishna Saxena माँ और पिता माँ माँ संवेदना है, भावना है, अहसास है …

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