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शरद की हवा – गिरिधर गोपाल

शरद की हवा - गिरिधर गोपाल

Here is a lovely poem on cool winter breeze, written by Giridhar Gopal. Rajiv Krishna Saxena शरद की हवा शरद की हवा ये रंग लाती है, द्वार–द्वार, कुंज–कुंज गाती है। फूलों की गंध–गंध घाटी में बहक–बहक उठता अल्हड़ हिया हर लता हरेक गुल्म के पीछे झलक–झलक उठता बिछुड़ा पिया भोर …

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