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गड़बड़ झाला – देवेंन्द्र कुमार

गड़बड़ झाला - देवेंन्द्र कुमार

What if things take characters totally unbecoming of them? Chaos indeed! I have made the illustration myself. Rajiv Krishna Saxena गड़बड़ झाला आसमान को हरा बना दें धरती नीली, पेड़ बैंगनी गाड़ी ऊपर, नीचे लाला फिर क्या होगा – गड़बड़ झाला! कोयल के सुर मेंढक बोले उल्लू दिन में आँखों …

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