Pages Menu
TwitterRssFacebook
Categories Menu

Posted on Sep 3, 2015 in Uncategorized | 0 comments

आज मुझसे दूर दुनियाँ – हरिवंश राय बच्चन

आज मुझसे दूर दुनियाँ – हरिवंश राय बच्चन

[The proverbial people of the world come in the way of lovers. So callous! Here is what Bachchan Ji say about it. Rajiv Krishna Saxena]

भावनाओं से विनिर्मित
कल्पनाओं से सुसज्जित
कर चुकी मेरे हृदय का स्वप्न चकनाचूर दुनियाँ
आज मुझसे दूर दुनियाँ

बात पिछली भूल जाओ
दूसरी नगरी बसाओ
प्रेमियों के प्रति रही है, हाय कितनी क्रूर दुनियाँ
आज मुझसे दूर दुनियाँ

वह समझ मुझको न पाती
और मेरा दिल जलाती
है चिता की राख कर में, माँगती सिंदूर दुनियाँ
आज मुझसे दूर दुनियाँ

∼ हरिवंश राय बच्चन

1,213 total views, 10 views today

Post a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *