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Posted on Sep 11, 2017 in Shabda Chitra Poems | 0 comments

फूलवाली – राम कुमार वर्मा

फूलवाली – राम कुमार वर्मा

Introduction: See more

Here is an ode to the flower-girl, written by the well-known poet Ram Kumar Varma. Rajiv Krishna Saxena

फूल–सी हो फूलवाली।

किस सुमन की सांस तुमने
आज अनजाने चुरा ली
जब प्रभा की रेख दिनकर ने
गगन के बीच खींची।

तब तुम्हीं ने भर मधुर
मुस्कान कलियां सरस सींची,
किंतु दो दिन के सुमन से,
कौन–सी यह प्रीति पाली

प्रिय तुम्हारे रूप में
सुख के छिपे संकेत क्यों हैं
और चितवन में उलझते
प्रश्न सब समवेत क्यों हैं

मैं करूं स्वागत तुम्हारा
भूलकर जग की प्रणाली
तुम सजीली हो, सजाती हो
सुहासिनि, ये लताएं

क्यों न कोकिल कण्�
मधु ऋतु में, तुम्हारे गीत गाएं
जब कि मैंने यह छटा
अपने हृदय के बीच पा ली

फूल सी हो फूलवाली।

राम कुमार वर्मा

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