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Posted on Aug 25, 2015 in Love Poems | 0 comments

प्यार का नाता हमारा – विनोद तिवारी

प्यार का नाता हमारा – विनोद तिवारी

[There are billions of men and women on this world, but magical link of love between a man and woman is the only worth-while link that transforms.]

जिंदगी के मोड़ पर यह प्यार का नाता हमारा
राह की वीरानियों को मिल गया आखिर सहारा

ज्योत्सना सी स्निग्ध सुंदर, तुम गगन की तारिका सी
पुष्पिकाओं से सजी, मधुमास की अभिसारिका सी

रूप की साकार छवि, माधुर्य की स्वच्छन्द धारा
प्यार का नाता हमारा, प्यार का नाता हमारा

मैं तुम्हीं को खोजता हूँ, चाँद की परछाइयों में
बाट तकता हूँ तुम्हारी, रात की तनहाइयों में

आज मेरी कामनाओं ने तुम्हें कितना पुकारा
प्यार का नाता हमारा, प्यार का नाता हमारा

दूर हो तुम किन्तु फिर भी, दीपिका हो ज्योति मेरी
प्रेरणा की शक्ति हो तुम, प्रीत की अनुभूति मेरी

गुनगुना लो प्यार से यह गीत मेरा है तुम्हारा
प्यार का नाता हमारा, प्यार का नाता हमारा

∼ विनोद तिवारी

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