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Posted on Nov 7, 2015 in Hasya Vyang Poems, Life And Time Poems | 0 comments

कभी नहीं – ओम व्यास ओम

कभी नहीं – ओम व्यास ओम

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There are things that we should never ever do. Here is a formidable list in the typical style of Pandit Om Vyas. Rajiv Krishna Saxena

साले की बुराई
शक्की को दवाई
उधार–प्रेमी को अपने दोस्त से मिलाना
पत्नी को अपनी असली इनकम बतलाना
नवजात कुत्ते के बच्चे का सहलाना
और पहलवान की बहन से इश्क लड़ाना
कभी नहीं, कभी नहीं

नाई से उधारी में दाढ़ी
या फिर सैकिन्ड हैंड गाड़ी
नानवेज होटल में वेजीटेरियन खाना
नए–नए कवि को कविता सुनाना
फँसे हुए आदमी को वकील बताना
और बिना पानी देखे टॉयलेट में जाना
कभी नहीं, कभी नहीं

दो नंबर की कमाई रिश्तेदारों के नाम पर रखना
सुंदर जवान नौकरानी को काम पर रखना
कम भीड़ भाड़ वाले होटल में खाना
पत्नी से सुंदर पड़ोसिन को बताना
अधिकारी को सच्ची बात मुँह पर कहना
और पुलिस वाले के मकान में किराए पर रहना
कभी नहीं, कभी नहीं

बिना हाथ दिये गाड़ी को मोड़ना
यात्रा में पड़ोसी के भरोसे अटैची छोड़ना
साली पर खर्चा और उसके बाद रोना
चप्पल उतार कर बस में सोना
कभी नहीं, कभी नहीं

चिपक्कू महमान को बढ़िया खाना
टीचर के बच्चे को ट्यूशन पढ़ाना
चोरी के डर से पड़ोसी सुलाना
कम उम्र की महिला को आंटी बुलाना
सामूहिक भोजन की पंक्ति में आख़ीर में बैठना
पत्नी से उसके मायके में ऐंठना
कभी नहीं, कभी नहीं

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