Pages Menu
TwitterRssFacebook
Categories Menu

Posted on Mar 17, 2016 in Bal Kavita | 0 comments

बिल्ली मौसी – सूर्य कुमार पांडेय

बिल्ली मौसी – सूर्य कुमार पांडेय

Introduction: See more

Here is a small poem by Surya Kumar Pandey that should certainly entice little children. Illustration is mine. Rajiv Krishna Saxena

बिल्ली मौसी चलीं बनारस
लेकर झोला डंडा
गंगा तट पर मिला उसे तब
मोटा चूहा पंडा

चूहा बोला बिल्ली मौसी
चलो करा दूँ पूजा
मुझ सा पंडा यहाँ घाट पर
नहीं मिलेगा दूजा

बिल्ली बोली ओ पंडा जी
भूख लगी है भारी
पूजा नहीं, पेट पूजा की
करो तुरत तैयारी

समझा चूहा बिल्ली मौसी
का जो पंगा जी में
टीका–चंदन छोड़ घाट पर
कूदा गंगा जी में

~ सूर्य कुमार पांडेय

 
Classic View Home

1,559 total views, 2 views today

Post a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *