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Posted on Aug 25, 2015 in Bal Kavita | 0 comments

बाल कविता – सीखा हमने – परशुराम शुक्ल

बाल कविता – सीखा हमने – परशुराम शुक्ल

धरती से सीखा है हमने
सबका बोझ उठाना
और गगन से सीखा हमने
ऊपर उठते जाना

सूरज की लाली से सीखा
जग आलोकित करना
चंदा की किरणों से सीखा
सबकी पीड़ा हरना

पर्वत से सीखा है हमने
दृढ़ संकाल्प बनाना
और नदी से सीखा हमने
आगे बढ़ते जाना

सागर की लहरों से सीखा
सुख दुख को सह जाना
तूफानों ने यह सिखलाया
आफत से टकराना

~ परशुराम शुक्ल

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